मंगलवार 8 सितंबर 2026 - 04:40
चिंतन, भलाई का स्रोत

इमाम हसन मुजतबा (अ) ने एक रिवायत में तक़वा और लगातार चिंतन करने के महत्व तथा भलाई प्राप्त करने में इसकी भूमिका की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी  के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “मजमूआ-ए-वर्राम” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام حسن مجتبی علیه‌السلام:

أُوصِیکُمْ بِتَقْوَی اللَّهِ وَإِدَامَةِ التَّفَکُّرِ، فَإِنَّ التَّفَکُّرَ أَبُو کُلِّ خَیْرٍ وَأُمُّهُ.

इमाम हसन मुजतबा (अ) ने फ़रमाया:

“मैं तुम्हें अल्लाह से डरते हुए जीवन बिताने और लगातार चिंतन करने की सलाह देता हूँ, क्योंकि चिंतन और विचार करना हर भलाई के माता-पिता है।”

मजमूआ-ए-वर्राम, भाग 1, पेज 52

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha