हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “मजमूआ-ए-वर्राम” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام حسن مجتبی علیهالسلام:
أُوصِیکُمْ بِتَقْوَی اللَّهِ وَإِدَامَةِ التَّفَکُّرِ، فَإِنَّ التَّفَکُّرَ أَبُو کُلِّ خَیْرٍ وَأُمُّهُ.
इमाम हसन मुजतबा (अ) ने फ़रमाया:
“मैं तुम्हें अल्लाह से डरते हुए जीवन बिताने और लगातार चिंतन करने की सलाह देता हूँ, क्योंकि चिंतन और विचार करना हर भलाई के माता-पिता है।”
मजमूआ-ए-वर्राम, भाग 1, पेज 52
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